12 Sep 2012

No. 81 दसवीं हिंदी - सितंबर 2012 - उत्तर - एक नमूना


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Hindi Exam – xth – Sep. 2012
Answers – A Model
1. तालिका की पूर्ति करके लिखें। 2
पाठ
प्रोक्ति
लेखक
गौरा
रेखाचित्र
महादेवी वर्मा
बाबूलाल तेली की नाक
कहानी
स्वयं प्रकाश
नदी और साबुन
कविता
ज्ञानेन्द्रपति
हाथी के साथी
घटना
मिलानी
2. अंग्रेज़ी शब्दों के स्थान पर उनका समानार्थी हिंदी शब्द रखकर
     निम्नलिखित अंश का पुनर्लेखन करें। 3
मैं registered letter (पंजीकृत पत्र) भेजने के लिए
post office(डाक-घर) पहुँचा। पूछने पर पता चला कि
पत्र पर stamp (डाक टिकट) लगाना है।
3. निम्नलिखित घटनाओं को क्रमबद्ध करके लिखें।      2
  • लोगों ने जंगल काटना शुरू किया।
  • एक हाथी तोरपा ब्लॉक पहुँचा।
  • बिजली का झटका लगकर हाथी मर गया।
  • लोग हाथी-दाँत के टुकड़े चुपचाप निकाले।
    ('लोगों ने हाथी दाँत के टुकड़े चुपचाप निकाले।'
    होना चाहिए था।)
4. निम्नलिखित चरित्रगत विशेषताओं में से ग्वाले की
विशेषताएँ चुनकर लिखें।                       2
  • पशुओं से क्रूर व्यवहार करनेवाला।
  • लालची स्वभाव वाला। (लालची)
सूचना: 5 से 7 तक के प्रश्नों में से किन्हीं दो
            प्रश्नों के उत्तर लिखें।
5. ''नदी की शुभ्र त्वचा बैंगनी हो गई है।'' इसके क्या-क्या
      कारण हो सकते हैं?                          2
         मानव ने अपनी सुख-सुविधाएँ बढ़ाने के लिए कई
कारखाने स्थापित किए हैं। इन कारखानों से विषैला जल
रूपी तेज़ाबी पेशाब पड़कर नदियों की त्वचा बैंगनी हो गई है।
नदियों पर नकारात्मक हस्तक्षेप करनेवाला सिर्फ मानव है।
कवि उसकी ओर कविता के द्वारा संकेत कर रहे हैं।
6. बाबूलाल तेली की ज़रा-सी बीमारी के लिए बड़ी से बड़ी
     टेस्ट करवाई गईं। क्या आप इससे सहमत हैं? क्यों?  2
         मैं इससे सहमत नहीं। चिकित्सा का काम पुनीत और
ईश्वरीय माना जाता था। पुराने ज़माने में चिकित्सा निस्वार्थ
सेवा थी। लेकिन आज के ज़माने में चिकित्सा एक उद्योग बन
गया है। अनैतिकता, पैसे की लालच आदि इस क्षेत्र को बिगाड़
रही हैं। कुछ डॉक्टर और अस्पताल अनावश्यक टेस्टों के ज़रिए
मरीज़ों को लूट रहे हैं।
7. लोगों को मरे हुए हाथी पर गुस्सा उतारने का मौका मिल
    गया। गुस्सा होने का कारण क्या था?                    2
        जब मानव ने जंगलों का नाश करना शुरू किया तब
जंगल के हाथी गाँवों में उतरने लगे। तोरपा ब्लॉक में उतरे
हाथियों की झुंड ने कई खेत और घर बरबाद कर डाले। उसी
झुंड के एक हाथी जंगल की सड़क पर पड़ी बिजली की तार से
झटका लगकर मर गया। हाथियों पर जो गुस्सा था वह लोगों ने
मरे हुए हाथी पर उतारना शुरू किया।
सूचना: 8 से 10 तक के प्रश्नों में से किन्हीं दो
           प्रश्नों के उत्तर लिखें।
8. बलिष्ठ व्यक्ति से घूँसा मिलने की घटना का ज़िक्र बाबूलाल
    तेली अपनी डायरी में लिखता है। वह डायरी कल्पना
    करके लिखें।                                         4
तारीख:...........
      आज सड़क पर चलते समय मुझपर एक अजीब-सा
हादसा हुआ। एक बलिष्ठ व्यक्ति ने मेरी नाक पर ज़ोरदार
घूँसा मारा। कारण भी अजीब था। वह बलिष्ठ व्यक्ति एक टूटे-
फूटे आदमी को यों ही पीट रहा था। भीड़ चुपचाप तमाशा
देख रही थी। मेरे मुँह से 'अरे-अरे' निकल गया था। खून
बहती नाक पकड़कर मैं पासवाले एक 'शानदार' अस्पताल
पहुँचा। उन लोगों ने मुझे इधर-उधर खूब खुमाया, कई टेस्ट
करवाई, ज़ेबों की झड़ती हुई लेकिन इलाज नहीं हुई। विवश
होकर मैं लालूराम तेली का अस्पताल पहुँचा। वहीं पर तुरंत ही
ऑपरेशन किया गया। 2-3 दिन आराम करना पड़ेगा।
हे भगवान! इस धरती में क्या-क्या देखना पड़ता है!
9. कुछ ही दिनों में गौरा अन्य पशु-पक्षियों से हिलमिल
    हो गई। इसका उल्लेख करते हुए श्यामा के नाम महादेवी का
    पत्र कल्पना करके लिखें। 4
                                   'घर का नाम:…..........',
                                       स्थान:.................
                                      तारीख:.................
प्रिय श्यामा,
        तुम कैसी हो? घर में सब कैसे हैं? मैं यहाँ ठीक हूँ।
         तुम्हारे घर से लाई गई बछिया का हमने नामकरण
किया- 'गौरांगिनी'। लेकिन हम उसे प्यार से 'गौरा' पुकारते
हैं। वह अब अन्य पशु-पक्षियों के साथ बहुत हिल-मिल गई है।
मेरे पशु-पक्षियों में वही सबसे बड़ी है। लेकिन छोटे-छोटे पशु-
पक्षियों ने भी उसके साथ मित्रता बनाई है। सबके साथ मिलकर
उसका खेलना बड़ा आनंददायक है।
       शेष बातें आगले पत्र में।
                                               तुम्हारी बहन,
                                                (हस्ताक्षर)
                                                 महादेवी।
सेवा में
        श्यामा,
        …............,
        …..............,
        …..............
10. ''वन हमारी प्राकृतिक संपत्ति है''- इस विषय पर एक
       लघु लेख लिखें।                                  4
      वन को हम जंगल, कानन आदि नामों से भी पुकारते हैं।
आज के ज़माने में जंगलों का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है।
         जंगल में हज़ारों तरह के पेड़-पौधे हैं। यह हज़ारों
प्रकार के पशु-पक्षियों का वासस्थान है। जैविक विविधता
का अच्छा नमूना हम जंगलों में देख सकते हैं। फल, फूल,
मूल आदि से भरा जंगल औषधियों की खान है। क्योंकि वहाँ
अनेकों जड़ी-बूटियाँ मिलती हैं। इन जड़ी-बूटियों के बीच में
से बहनेवाले जंगली झरने रोगमुक्ति प्रदान करनेवाली है। प्रकृति
के संतुलन में जंगलों का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। जंगलों से
बड़ी मात्रा में प्राणवायु ऑक्सिजन भी प्रदान की जाती है।
      आजकल जंगलों का बड़ा नाश हो रहा है। घर, सड़कें,
रेल आदि के लिए मानव का अंधाधुंध जंगलों को काटना
प्रकृति का संतुलन बिगाड़नेवाला है। हमें अपनी और आनेवाली
पीढ़ियों के लिए जंगलों को सुरक्षित रखना चाहिए।
सूचना: निम्नलिखित कविता पढ़कर उसके नीचे दिए
            प्रश्नों के उत्तर लिखें।
               जो अनपढ़ है उसे पढ़ाएँ
               जो चुप है उसको वाणी दें
               जो पिछड़ा है उसे बढ़ाएँ
               प्यासी मिट्टी को पानी दें।
                    हम मेहनत के दीप जलाकर
                    नया उजाला करना सीखें।
                                   -गोपाल कृष्ण 'कौल'
11. हमें किस तरह का दीप जलाना चाहिए?        1
      हमें मेहनत के दीप जलाने चाहिए।
12. कवितांश के लिए उचित शीर्षक लिखें।          1
      'दीप जलाएँ'
13. कविता का आशय लिखें।                        3
       हिंदी के मशहूर कवि श्री गोपाल कृष्ण 'कौल' की यह
कविता पाठकों को परोपकार और सेवा-भाव का उपदेश
देनेवाली है।
         कवि कहते हैं कि जो लोग अनपढ़ हैं, याने पढ़ना-
लिखना नहीं जानते, हमें उनको विद्या सिखानी चाहिए।
जो लोग कष्टताओं में रहते हैं, दलित-पीड़ित हैं, हमें उनकी
सहायता करनी चाहिए। हमारी सहायता से वे अपने पिछड़ेपन
से आगे बढ़ें, जिंदगी में सफल हो जाएँ। हमें इस प्यासी मिट्टी
को पानी देना चाहिए जिससे यह धरती उर्वर हो जाएँ और
विभिन्न फसलें उग जाएँ। हमें मेहनत के दीप जलाकर समाज में
नया उजाला फैलाना चाहिए।
        यह कविता पाठकों को सदा प्रयत्नशील और सबके
मददगार बनने की प्रेरणा देनेवाली है। अत: यह अच्छी और
प्रासंगिक भी है।
सूचना: उद्घोषणा तैयार करें।
14. मान लें आपके स्कूल में 'प्रकृति हमारी माँ और पशु-
       पक्षी हमारे सहचर'- विषय पर संगोष्ठी होनेवाली है।
       उसकी सूचना देते हुए एक उद्घोषणा तैयार करें।   3
प्यारे छात्र-छात्राओ, ध्यान दें। अगले बुधवार को
दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए 'प्रकृति हमारी माँ और पशु-
पक्षी हमारे सहचर' विषय पर हिंदी संगोष्ठी चलनेवाली है।
छात्रों से प्रार्थना है कि वे संगोष्ठी के लिए आवश्यक तैयारी करें।
सूचना: निम्नलिखित अंश का संशोधन करके लिखें।
15. उसका बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ते हैंवह को आज हिंदी
     परीक्षा है। वह अपनी सहेली के साथ स्कूल गया।       2
उसकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती हैउसको आज हिंदी
परीक्षा है। वह अपनी सहेली के साथ स्कूल गयी
सूचना: निम्नलिखित विशेषणों से उचित शब्द चुनकर
           खंड का पुनर्लेखन करें।                   2
16. मैं एक नये घर में रहता हूँ। मेरे घर के आगे एक विशाल
     बगीचा है। बगीचे में रंग-बिरंगे फूल हैं। बगीचे के बगल में एक
     छोटा तालाब भी है। ('है' गलत दिया गया है)
सूचना: उचित योजक का प्रयोग करके वाक्य लिखें। 2
17. मैं दो दिन से स्कूल नहीं जा सका क्योंकि मुझे बुखार थी
     ('बुखार थी' गलत प्रयोग है। 'बुखार था' सही है। क्योंकि
      'बुखार' शब्द पुल्लिंग में है।)
18. परसों परीक्षाएँ शुरू होंगी, इसलिए कल ज़रूर जाना पड़ेगा।
सूचना: निम्नलिखित खंड पढ़कर नीचे दिए प्रश्नों के
            उत्तर लिखें।
          आजकल चिकित्सा जगत में कई बीमारियों के लिए
हर रोज़ नई-नई दवाइयाँ और इलाज खोजे जा रहे हैं। लेकिन
इसी के साथ हर दिन नई बीमारियों के पैदा होने की और नए
इलाकों में उनके फैलने की खबरें भी सुनाई देती रहती हैं।
ऐसी खबरें इंसानों के बारे में ही नहीं पेड़-पौधों के बारे में भी
सुनने को मिलती हैं। इन्हें सुनकर लगता है कि हम इंसानों
के पास चुनौतियाँ बहुत हैं, और समाधान कम हैं।
18. 'नई बीमारियों' वाक्याँश में 'बीमारी' शब्द – संज्ञा है। 1
19. 'उनके' में 'वे' सर्वनाम है।
20. आजकल बीमारियाँ इंसान के अलावा पेड़-पौधों में भी
      पड़ जाती हैं।1
21. 'आजकल हमारे जगत में अनेक बीमारियाँ फैल रही हैं'-
       इसके क्या-क्या कारण हैं?
         निम्नलिखित कारणों से इंसानों में बीमारियाँ फैलने की
संभावना है-
  • मानव की जीवन-शैली बिलकुल बदल गई है।
  • उसके खाने में विभिन्न कीटनाशी दवाइयों का असर
    हो रहा है।
  • वातावरण, जल, वायु, मिट्टी सब प्रदूषित हैं।
  • लोगों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है।

बंधुओ, यह एक नमूना मात्र है। आप लोग अपने- 
अपन सुझाव और निर्देशों से इसे संपुष्ट और संशोधित 
बनाएँ तोज़्यादा अच्छा होगा। आपके सभी निर्देश,  
सुझाव, आलोचना,कमेंट मेरे लिए शिरोधार्य है।
                                   आपका,
                                            रवि,
                              सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल,
                             कडन्नप्पल्लि, कण्णूर, 670501.
                  9446427497, ravihindi@gmail.com
12-09-2012

6 comments:

  1. 15.(उसकी बेटी दसवीं कक्षा में........यहाँ का वह पुल्लिंग है तो)
    उसकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती है। उसको आज हिंदी
    परीक्षा है। वह अपनी सहेली के साथ स्कूल गयी।
    वह अपनी सहेली के साथ स्कूल गया।
    16. मेरे घर के आगे एक विशाल बगीचा है। (के आगे सही प्रयोग है?)

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    1. रसाख जी, प्रश्न दुविधाजनक नहीं होना चाहिए। विशेषत: व्याकरण प्रश्नों के एक ही उत्तर होना चाहिए। यहाँ प्रश्न-पत्र की गड़बड़ी और अनावश्यक रेखांकन समस्या पैदा करते हैं। जहाँ तक मेरी जानकारी है 'मेरे घर के आगे एक विशाल बगीचा है' सही प्रयोग है। के सामने से നേരെ മുന്നില്‍ अर्थ देता भी है।

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